दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के गेलुकपा संप्रदाय के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता और तिब्बती जनता के निर्वासित राष्ट्राध्यक्ष हैं। इन्हें 'करुणा के बुद्ध' (अवलोकितेश्वर) का अवतार माना जाता है, जो पुनर्जन्म के माध्यम से मानवता की सेवा करते हैं।
दलाई लामा के बारे में मुख्य बातें:
- अर्थ: 'दलाई' का अर्थ है महासागर और 'लामा' का अर्थ है गुरु, यानी "ज्ञान का महासागर"।
- वर्तमान दलाई लामा: 14वें दलाई लामा, तेनज़िन ग्यात्सो का जन्म 6 जुलाई 1935 को हुआ था।
- शांति और पुरस्कार: 1989 में इन्हें अहिंसक संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
- भूमिका: वे करुणा, अहिंसा और अंतरधार्मिक सद्भाव का संदेश देते हैं।
- निर्वासन: 1959 में चीन द्वारा तिब्बत पर नियंत्रण के बाद, ये भारत आ गए थे और वहीं से तिब्बती समुदाय का नेतृत्व कर रहे हैं।
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क्रम |
दलाई लामा का नाम |
कार्यकाल / अवधि |
प्रमुख तथ्य |
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1 |
गेदुन द्रुपा |
1391–1474 |
पहले दलाई लामा |
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2 |
गेदुन ग्यात्सो |
1475–1542 |
— |
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3 |
सोनम ग्यात्सो |
1543–1588 |
सर्वप्रथम “दलाई लामा” की उपाधि धारण की |
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4 |
योनतेन ग्यात्सो |
1589–1617 |
मंगोलिया में जन्मे |
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5 |
नवांग लोबसांग ग्यात्सो |
1617–1682 |
“ग्रेट फिफ्थ”, पोटाला महल का निर्माण शुरू कराया |
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6 |
त्सांगयांग ग्यात्सो |
1683–1706 |
रोमांटिक कवि के रूप में प्रसिद्ध |
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7 |
केलसांग ग्यात्सो |
1708–1757 |
— |
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8 |
जम्पेल ग्यात्सो |
1758–1804 |
— |
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9 |
लुंगटोक ग्यात्सो |
1805–1815 |
कम आयु में निधन |
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10 |
त्सुल्ट्रिम ग्यात्सो |
1816–1837 |
— |
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11 |
खेद्रुप ग्यात्सो |
1838–1856 |
— |
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12 |
ट्रिनले ग्यात्सो |
1857–1875 |
— |
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13 |
थुबटेन ग्यात्सो |
1876–1933 |
आधुनिक तिब्बत के निर्माता |
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14 |
तेनज़िन ग्यात्सो |
1935–वर्तमान |
1959 से भारत में निर्वासित |
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